गणतंत्र दिवस पर भाई धम्मू के भाव (संशोधित)

हमारे मध्य के हमारे भाई भी कई अवसरों पर इतना आकर्षक रच देते हैं कि उसको सब ही पढ़ सकें ऐसा करने का प्रयास अवश्य ही करना चाहिए।

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शुभ प्रभात 🙏🌹❤️🙏

आपका दिन मंगलमय हो। ईश्वर—जो इस कायनात के रखवाले हैं—आपकी हर मंगलकामना पूर्ण करें। जो हर दुःख और दरिद्रता को दूर करने वाले हैं, जो न्याय, ईमान और सत्य को सदैव विजयी बनाते हैं, जो करुणा और दया के सागर हैं। जिनकी कोमलता के सामने कमल पुष्प की पंखुड़ियाँ भी नतमस्तक हो जाएँ, जो हर संतान की मुरादें पूरी करें और प्रेम के गीत गुनगुनाते रहें—ऐसे परमात्मा सबका भला करें। 🌹🌹

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आज का विचार

सभी भाई-बहनों एवं देशवासियों को गणतंत्र दिवस के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ।



आज यह बताना मेरा कर्तव्य है कि गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है।

26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान पूर्ण हुआ, लेकिन इसे लागू करने के लिए 26 जनवरी 1950 की तिथि चुनी गई। इसका कारण यह था कि आज से लगभग 20 वर्ष पूर्व, 1929 में लाहौर कांग्रेस अधिवेशन में कांग्रेस अध्यक्ष पंडित जवाहरलाल नेहरू ने दोयम दर्जे की स्वतंत्रता को अस्वीकार करते हुए पूर्ण स्वराज की घोषणा की थी। यह दिन ऐतिहासिक था, इसलिए संविधान सभा ने निर्णय लिया कि संविधान को 26 जनवरी को ही लागू किया जाए।

दोस्तो, संविधान वह महान ग्रंथ है जिसका कोई सानी नहीं। यह हर व्यक्ति को इंसान बने रहने का अधिकार देता है, असुरक्षा को सुरक्षा में बदलता है, मूल अधिकारों की रक्षा करता है और मतदान के अधिकार के माध्यम से सत्ता में भागीदारी का अमूल्य अवसर देता है। वास्तव में, इस पुस्तक के सामने अन्य सभी ग्रंथ फीके प्रतीत होते हैं।

यही संविधान समानता, एकता, धर्मनिरपेक्षता और सहिष्णुता को बनाए रखता है। यह देश की आत्मा का वह कवच है जो नागरिकों को एकता के सूत्र में पिरोए रखता है।

76वें गणतंत्र दिवस पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ।

संविधान को कमजोर करने वालों के प्रति हमें सदैव सजग रहना होगा, क्योंकि यदि संविधान निर्जीव हो गया तो उसकी कमजोरी का लाभ कोई भी उठा सकता है। उसे तोड़ने-मरोड़ने की कोशिशें होती रहेंगी, लेकिन यदि हम उसके मूल्यों को जीवित रखेंगे, तो कोई भी उसे समाप्त नहीं कर पाएगा। 🇮🇳🌹

रचनाकार 

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धर्मेंद्र खटाना 'धम्मू' 

दमदमा

लेखक, कवि, योग प्रशिक्षक,

स्क्रैप डीलर, रियल एस्टेट एजेंट एवं समाजसेवी

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