तकनीकी सुविधा या भ्रम
भूमिका तकनीकी आश्रितता कितनी सही ठहराई जा सकती है जब भी कोई ऐसी घटना घटती है। ऐसे में अपने आश्रितता संबंधी निर्णय की समीक्षा करना आवश्यक हो जाता है। तकनीक सुविधा या भ्रम कहाँ ले जा रही है हमें कृत्रिम बुद्धिमता "गूगल ने फिर दिखाया गलत रास्ता, खाड़ी में गिरी कार" यह समाचार महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक गहरी चेतावनी है। यह एक संकेत है उस अति-निर्भरता का, जो हमने आधुनिक तकनीक, विशेषकर एआई आधारित तकनीकों, पर विकसित कर ली है। जीवन को सरल और सुविधाजनक बनाने के लिए जिन साधनों का आविष्कार किया गया, अब वही साधन कई बार हमारी जिंदगियों को उलझा और खतरे में डाल रहे हैं। सहजता की चाह में जटिलता की राह जब गूगल मैप जैसी तकनीकों का विकास हुआ, तो उद्देश्य साफ था — रास्ता दिखाना, समय बचाना, यात्रा को आसान बनाना। लेकिन आज हम ऐसे मोड़ पर हैं, जहाँ आँखें सड़क पर नहीं, बल्कि मोबाइल स्क्रीन पर गड़ी होती हैं। बेलापुर की घटना में महिला ने पुल का रास्ता छोड़ सीधे खाड़ी की ओर गाड़ी मोड़ दी — क्योंकि गूगल ने यही रास्ता बताया। यह घटना बताती है कि हम सोचने और परखने की शक्ति को तकनीक के हवाले ...