Posts

Showing posts from May, 2025

मदर्स डे पर माँ का पत्र

Image
प्रिय पुत्र/पुत्री, सप्रेम आशीर्वाद। जब तुम यह पत्र पढ़ रहे होगे, शायद व्यस्तता की कोई नई वजह तुम्हारे सामने होगी—ऑफिस की कोई डेडलाइन, बच्चों की ज़रूरतें, या किसी और ज़िम्मेदारी का दबाव। मुझको तुमसे कोई शिकायत नहीं है, और न ही कोई अपेक्षा जो तुम्हारे लिए बोझ बन जाए। मैं जानती हूं, समय बदल गया है। मैं यह भी जानटी हूं कि तुम्हारी ज़िंदगी की दौड़ थमने वाली नहीं। लेकिन इस पत्र के माध्यम से मैं तुमसे कुछ नहीं मांग रही—न समय, न सुविधा, न कोई खास व्यवस्था। मैं बस एक छोटी-सी सादगी भरी गुज़ारिश करना चाहती हूँ… "मात-पिता के लिए इतना तो शर्म रखना,   जब भी मिलो उनसे,   लहजा नर्म रखना।" हमारी ज़रूरतें कभी बहुत बड़ी नहीं रहीं। आज भी वही हैं—एक दो मीठे बोल, एक स्नेहभरी मुस्कान, और एक ऐसा लहजा जिसमें अपनापन हो। यह लहजा ही वो पुल है जो हमें फिर से तुमसे जोड़ सकता है, जैसे बचपन में हर शब्द तुम्हारे मुंह से मिठास की तरह लगता था। मैं जानती  हूँ कि ये दुनिया अब पहले जैसी नहीं रही। सब कुछ तेज़ है—फैसले, रिश्ते, और यहाँ तक कि संवाद भी। पर क्या इस तेज़ जीवन में कुछ पल के लिए अपनी आवाज़...

माँ के प्रति भाव

Image
भूमिका किसी के भी जीवन में माँ ही प्रथम और सर्वकालिक शिक्षिका है तो इसलिए क्योंकि उसी के साथ किसी भी बालक का सर्वाधिक समय व्यतीत होता है। यहाँ पर एक शिक्षक ने पत्र के माध्यम से अपनी माँ के उसको शिक्षित करने के प्रयासों का उल्लेख किया है कुछ इस प्रकार कि कोई भी अपनी माता के समक्ष नतमस्तक हो जाए। "जो खुद नहीं पढ़ पाई, उसने पढ़ा दिया" माँ… एक साधारण गृहणी, पर भीतर से एक असाधारण स्वप्नदृष्टा। खुद ज़्यादा पढ़ नहीं पाईं—कक्षा पाँच से आगे की पढ़ाई नसीब नहीं हुई, फिर भी अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए जिस आग को उन्होंने अपने भीतर जलाया, वह आज भी मेरे जीवन का ईंधन बनी हुई है। मुझे माँ की यादें ज़्यादातर कक्षा तीन से ही साफ़-साफ़ दिखती हैं। पिताजी गढ़वाल में पोस्टेड थे और मैं तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा। माँ अकेले ही हमारी परवरिश कर रही थीं। गाँव का स्कूल था, मैं हमेशा अव्वल आता, लेकिन माँ खेल में ज़्यादा समय देने नहीं देतीं। मेरे भीतर अक्सर एक द्वंद्व होता — मैं पढ़ाई में अच्छा हूँ, फिर भी डांट और मार से नहीं बच पाता। पिताजी के लाए अंग्रेज़ी की "कायदा" किताब में “IT – THIS” और ...