Posts

Showing posts from December, 2025

यात्रा वृत्तांत - शिवराज जी कुर्मी

Image
भूमिका यह अवसर केवल एक यात्रा का नहीं, बल्कि दो शिक्षकों, दो साहित्य-साधकों और दो संवेदनशील दृष्टियों के आत्मीय समागम का था। पाती अपनों की जैसी अनूठी साहित्यिक मुहिम से जुड़े वरिष्ठ साहित्यकार एवं शिक्षाविद सेवानिवृत्त श्री शिवराज जी कुर्मी का बनेठा आगमन, स्मृतियों, इतिहास और वर्तमान के बीच एक सजीव सेतु बन गया। युवा कवि एवं शिक्षक श्री हंसराज हंस द्वारा स्थानीय ऐतिहासिक, पौराणिक और सांस्कृतिक धरोहरों का तथ्यात्मक परिचय, उनके निहितार्थों का विवेचन, तथा स्वरचित पुस्तक भेंट कर किया गया सम्मान—इस यात्रा को साधारण भ्रमण से ऊपर उठाकर ज्ञान-विनिमय, भाव-संवाद और सांस्कृतिक उत्तराधिकार की जीवंत अभिव्यक्ति बना देता है। विद्यालय परिसर में आत्मीय स्वागत के साथ यह समूचा घटनाक्रम लेखन की उस परंपरा को सुदृढ़ करता है, जिसमें यात्रा अनुभव नहीं, बल्कि विचार, संवेदना और जिम्मेदारी का विस्तार बन जाती है। यात्रा वृत्तांत-शिवराज जी कुर्मी वरिष्ठ साहित्यकार एवं प्रशासनिक अधिकारी डॉ सूरज सिंह नेगी साहब की अनूठी मुहिम, पाती अपनों को, से पुस्तक, लिख दूं पाती यादों के गलियारों से, लिखित पत्र संख्या 88  जो यु...

संतोषजनक परिणाम

Image
ग्रेटर नोएडा। साहित्यिक एवं वैचारिक मासिक पत्र उलझन सुलझन की ग्रेटर नोएडा लेडीज़ विंग की स्थानीय सम्पादिका डॉ. नाज़ परवीन  के मार्गदर्शन में अध्ययनरत उनकी छात्रा राखी नागर ने शैक्षणिक एवं बौद्धिक क्षेत्र में सराहनीय उपलब्धि अर्जित की है। श्री द्रोणाचार्य पी.जी. कॉलेज, दनकौर (ग्रेटर नोएडा) में एम.ए. प्रथम सेमेस्टर की छात्रा राखी नागर ने यूनिवर्सिटी स्तर पर आयोजित डिबेट प्रतियोगिता में तृतीय स्थान प्राप्त कर न केवल स्वयं को, बल्कि अपने शिक्षकों और संस्थान को भी गौरवान्वित किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस प्रतियोगिता के लिए पहले महाविद्यालय स्तर पर चयन प्रक्रिया हुई, जिसमें श्री द्रोणाचार्य पी.जी. कॉलेज से एक छात्र शशांक और दो छात्राएँ अनामिका एवं राखी नागर भाषण प्रतियोगिता के लिए तथा तीन छात्राएँ; रोबिन व सायमा खान व आशु शर्मा; काव्य पाठ के लिए चयनित की गईं। इसके उपरांत विभिन्न महाविद्यालयों से चयनित प्रतिभागियों के बीच विश्वविद्यालय स्तर पर प्रतियोगिता आयोजित हुई, जिसमें राखी नागर ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए तृतीय स्थान अर्जित किया। इस अवसर पर डॉ. नाज़ परवीन ने अपनी छात...

साहित्य प्रेमी मंडल एवं स्व. चौधरी जिले सिंह के सुपुत्र राजेश कुमार का आत्मकथ्य

Image
**आत्मकथ्य राजेश कुमार का आत्मकथ्य (उपाध्यक्ष, साहित्य प्रेमी मंडल एवं स्व. चौधरी जिले सिंह के सुपुत्र) आदरणीय अध्यक्ष महोदय, मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, सम्मानित कविगण, साहित्यकार, समाजसेवी, एवं उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों को मेरा सादर प्रणाम। आज का यह क्षण मेरे लिए अत्यंत भावुक, गौरवपूर्ण और स्मृतियों से भरा हुआ है। मेरे पूज्य पिता स्वर्गीय चौधरी जिले सिंह जी की स्मृति में साहित्य प्रेमी मंडल के तत्वावधान में आयोजित यह काव्य संध्या एवं सम्मान समारोह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उनके जीवन मूल्यों, सामाजिक प्रतिबद्धता और साहित्य प्रेम को सजीव रूप देने का एक विनम्र प्रयास है। मेरे पिता जीवन भर समाज के अंतिम व्यक्ति तक संवेदना, सहयोग और संस्कार पहुँचाने में विश्वास रखते थे। वे मानते थे कि साहित्य केवल शब्दों का सौंदर्य नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने वाली चेतना है। आज इस मंच पर देश के वरिष्ठ कवियों, समाजसेवियों और शिक्षाविदों की उपस्थिति यह प्रमाणित करती है कि उनका जीवन-दर्शन व्यर्थ नहीं गया। आज के इस आयोजन में कविवर बलवीर सिंह ‘करुण’ जी को साहित्य रत्न सम्मान तथा वरिष्ठ योगाचार्य एवं ...

आत्ममंथन और सामाजिक उत्तरदायित्व का बोध कराने वाली अनुभूतियां

Image
भूमिका आज का क्षण दहेज़ एक अभिशाप निवारण समिति के कार्यक्रम के प्रतिभागियों के लिए आत्ममंथन और सामाजिक उत्तरदायित्व का बोध कराने वाला रहा। सामुदायिक केंद्र, सेक्टर-39, नोएडा में आयोजित दहेज़ एक अभिशाप निवारण समिति के पंचम वार्षिकोत्सव में सम्मिलित होकर जब प्रतिभागियों ने बिना दहेज़ के विवाह करने वाले नवविवाहित युगलों का सम्मान होते देखा, तो उनका मन गर्व और आशा से भर उठा। यह आयोजन केवल सम्मान समारोह नहीं था, बल्कि समाज की चेतना को झकझोरने वाला वह संदेश था, जो बताता है कि परिवर्तन संभव है—बस साहस, संकल्प और सही दिशा की आवश्यकता होती है। इसी भावभूमि पर कुछ प्रतिभागियों ने अपने मन की बात, अनुभव और दृष्टि निम्नवत साझा की। समिति अध्यक्ष निर्मल जी का आत्मकथ्य दहेज़ उन्मूलन के पावन संकल्प को समर्पित इस पंचम वार्षिकोत्सव के अवसर पर उपस्थित होकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने वाले सभी सम्मानित अतिथियों, मुख्य अतिथिगण, विशिष्ट आमंत्रित जन, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, नवविवाहित युगल, मातृशक्ति, युवा साथियों एवं मीडिया बंधुओं के प्रति मैं समिति की ओर से हृदय की गहराइयों से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त करती...