डॉ. रोशनलाल छोकर का आत्मकथ्य

आत्मकथ्य

डॉ. रोशनलाल छोकर

22 एवं 23 नवम्बर 2025 को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के कन्वेंशन सेंटर में आयोजित “उच्च शिक्षा एवं अकादमिक प्रशासन में शोध” विषयक दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का साक्षी बनना मेरे लिए अत्यंत गौरव और संतोष का विषय रहा।

इस सम्मेलन में उच्च शिक्षा और अकादमिक प्रशासन से जुड़े शोधों, विचारों और नवाचारों की प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ देखने को मिलीं। विभिन्न सत्रों में देश–विदेश से आए विद्वानों द्वारा प्रस्तुत शोध कार्यों ने यह स्पष्ट कर दिया कि उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, पारदर्शिता और शोध-संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में गंभीर प्रयास हो रहे हैं।

मेरे लिए विशेष गर्व का क्षण यह रहा कि हमारे गुर्जर समाज के अनेक शोधार्थियों ने इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर सक्रिय भागीदारी की और अपने शोध कार्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। उनका आत्मविश्वास, विषय की समझ और अकादमिक परिपक्वता अत्यंत प्रेरणादायी रही। यह सहभागिता न केवल समाज के लिए, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक सकारात्मक संदेश है।

यह सम्मेलन अकादमिक उत्कृष्टता का एक नया मानक स्थापित करता है। भविष्य में ऐसी पहलों को और अधिक सशक्त व व्यापक बनाने की आवश्यकता है, ताकि शोधार्थी, शिक्षक और अन्य शैक्षणिक हितधारक अपने विचार, अनुभव और दृष्टिकोण साझा कर सकें। इससे शोध की गुणवत्ता, नवाचार और अकादमिक विकास का एक मजबूत वातावरण निर्मित होगा।

इस सफल आयोजन से यह भी स्पष्ट होता है कि अब हमें शोध नैतिकता, आपसी सहयोग और गुणवत्तापूर्ण परिणामों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है, जिससे भविष्य में शोध का सामाजिक और शैक्षणिक प्रभाव और अधिक व्यापक हो सके।

इस दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को सफल बनाने में जिन भी समन्वयकों, आयोजकों, स्वयंसेवकों और प्रतिभागियों ने अपना योगदान दिया, उन सभी के प्रति मैं हृदय से आभार एवं साधुवाद प्रकट करता हूँ। उनके समर्पित प्रयासों ने इस सम्मेलन को वास्तव में एक यादगार और प्रेरणादायी आयोजन बना दिया।

झलकियाँ 











































सादर,

सूचना स्रोत 

डॉ. रोशनलाल छोकर

पाठ्य उन्नयन और विस्तार व प्रस्तुति 






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