श्री हंसराज हंस द्वारा प्रदत्त अपने स्वागत प्रोग्राम का विवरण
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"5 सितंबर शिक्षक दिवस मेरे जीवन का अविस्मरणीय दिन बन गया। जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में माननीय मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के करकमलों से मुझे सम्मान प्राप्त हुआ। इस अवसर पर मुझे प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो एवं 21,000 रुपये की राशि भेंट की गई।
मैं टोंक जिले के उनियारा ब्लॉक के महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, बनेठा में अध्यापक लेवल प्रथम के पद पर 32 वर्षों से कार्यरत हूँ। शिक्षा में नवाचार सदैव मेरा प्रिय क्षेत्र रहा है। ‘हैप्पी बर्थडे’ और ‘गांव का अखबार’ जैसे शैक्षिक नवाचारों ने विद्यार्थियों और समाज में अच्छी पहचान बनाई है।
शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशालाओं में राज्य संदर्भ व्यक्ति (एसआरजी) के रूप में 15 वर्षों का अनुभव प्राप्त है। साथ ही तात्कालिक मुद्दों, जयंतियों और सामाजिक कुरीतियों पर आलेख व कविताएं लिखना मेरा सतत कार्य रहा है। अब तक मेरी तीन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं—
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मन की हूंक (कविता संग्रह, 2021)
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गुरुज्ञान (शैक्षिक आलेख, 2022)
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अमात्रिक बाल कविताएं (2025)।
उपलब्धियों की झलक
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नवीन जैन, शिक्षा सचिव महोदय द्वारा शिक्षक सितारे जिला टोंक सम्मान-2025
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जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान – 2024
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राज्य स्तरीय शोध प्रमाण पत्र (2023, 2024, 2025)
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मुंशी प्रेमचंद साहित्य सम्मान – 2025
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कबीर कोहिनूर सम्मान – 2025
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डाॅ. एपीजे अब्दुल कलाम राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षक सम्मान – 2024
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डाॅ. राधाकृष्णन राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान – 2025।
मैं अपने को एक नवाचारी, कर्तव्यपरायण, मृदुभाषी और सहयोगी शिक्षक मानता हूँ। बीते पाँच वर्षों से मैंने कक्षा 5 की प्राथमिक अधिगम मूल्यांकन परीक्षा में लगातार सराहनीय परिणाम दिए हैं। जिला डाइट से जुड़कर मैंने विभिन्न कार्यात्मक शोध, सर्वे शोध और जिला शोध का सफलतापूर्वक संचालन किया है। पिछले तीन वर्षों से मैं बीकानेर लीडर डाइट के माध्यम से राज्य स्तरीय शोध समिति का भी सदस्य हूँ।
मेरे लेख व कक्षा-कक्ष अनुभव राज्य स्तरीय शिविरा पत्रिका में प्रकाशित होते रहे हैं। कोरोना महामारी के समय मैंने ‘कोरोना वारियर’ बनकर बच्चों को मोहल्ला शिक्षण व घर-घर जाकर पढ़ाने का कार्य किया।
राष्ट्रीय कार्यक्रमों जैसे वृक्षारोपण, साक्षरता, रक्तदान, एनएमएमएस, नवोदय परीक्षा, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, शक्ति दिवस पर आयरन गोली वितरण और मध्याह्न भोजन जैसी गतिविधियों में भी मेरी सक्रिय भागीदारी रही है। विद्यालय में नामांकन व विद्यार्थियों की स्थायित्व दर बढ़ाने में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है।
इस राज्य स्तरीय सम्मान से न केवल मैं, बल्कि मेरा पूरा परिवार और मेरे साथी शिक्षक भी अत्यंत प्रसन्न और गौरवान्वित हैं। यह क्षण मेरे लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।"
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