“यह तो बस शुरुआत है, लड़कियो! … मंज़िलें अभी और भी हैं!”

“यह तो बस शुरुआत है, लड़कियो!

मंज़िलें अभी और भी हैं!”

एक भावनात्मक संदेश श्रीमती नीतू श्यामदेव भड़ाना की ओर से 'एंपावर्ड गुजरिया' की तरफ से

प्यारी बहनो और बेटियो! 

'हरियाली तीज – शिव-गौरा विवाह रीलोडेड' केवल एक कार्यक्रम नहीं था। यह हमारी परंपरा की जड़ों से जुड़ने और आत्मबल की शाखाओं से ऊँचाइयों को छूने का एक साझा प्रयास था। इस आयोजन में आप सभी की भागीदारी, उत्साह और समर्पण ने जो माहौल रचा, वह शब्दों से नहीं भावनाओं से व्यक्त किया जा सकता है।

जब हमने यह तय किया कि हम तीज को कुछ अलग ढंग से मनाएंगे — केवल श्रृंगार और गीतों तक सीमित न रखकर उसमें संस्कार, सशक्तिकरण और समरसता का रंग भी घोलेंगे, तब यह बात स्पष्ट थी कि यह एक नई शुरुआत होगी। और अब जब यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है, तो मैं पूरे दिल से कहती हूँ —

“यह तो बस शुरुआत है, लड़कियो! … मंज़िलें अभी और भी हैं!”

क्योंकि हमारा लक्ष्य केवल एक पर्व मनाना नहीं है, हमारा सपना है हर लड़की को खुद पर गर्व करना सिखाना, हर महिला को यह यकीन दिलाना कि वह केवल एक गृहिणी, बहन या बेटी नहीं, बल्कि परंपरा की संरक्षक, समाज की निर्माता और भविष्य की प्रेरणा है।

हमारा यह मंच — एंपावर्ड गुजरिया,

उन सभी महिलाओं की आवाज़ है जो बोलना चाहती थीं, पर समाज ने उन्हें चुप कराया, जो सपने देखना चाहती थीं, पर जिम्मेदारियों के बोझ तले दब गईं।

आज जब हमने शिव-गौरा विवाह को पुनर्जीवित किया —

गीतों, रीतियों और संस्कृति की सुगंध से महकाया, और साथ ही नवयुग की गौरा के माध्यम से आत्मनिर्भरता, विचारशीलता और आत्मसम्मान का संदेश दिया — तो वो सिर्फ एक रंगीन प्रस्तुति नहीं थी, वो एक घोषणा थी —कि हम आज की बेटियाँ, कल की माँएँ, और हर दिन की प्रेरणाएँ हैं।

बहनो, यह मंच अब थमेगा नहीं। अब हर तीज, हर पर्व, हर मंच,

हमारी चेतना और चैतन्य का उदाहरण बनेगा।

हम साथ आएँगी,

सपने देखेंगी,

सीखेंगी, सिखाएँगी,

और हर मंच को अपने आत्मबल से सजाएँगी।

आप सबने जो प्रेम, ऊर्जा और सहयोग दिखाया, वह आने वाले हर आयोजन की नींव है, अब हम सिर्फ रंग-बिरंगे घाघरे नहीं पहनेंगे, बल्कि अपने आत्मविश्वास से इस समाज को भी रंग देंगे।

तो चलिए...

आगे बढ़ते हैं,

मंज़िलों की ओर,

क्योंकि...

"यह तो बस शुरुआत है, लड़कियो! … मंज़िलें अभी और भी हैं!"

आप सभी की हितैषी

नीतू श्यामदेव भड़ाना

(एंपावर्ड गुजरिया टीम की ओर से)




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